एक वक्त में ये बेहद खूबसूरत जगह हुआ करती थी लेकिन आज यहां पर गुड़ियों का बसेरा है. मेक्सिको सिटी के दक्षिण में जोचिमिको कनाल में एक छोटा सा द्वीप है.
2001 के बाद से यह जगह एकदम से चर्चाओं में आ गई. वजह थी 'डरावनी गुड़िया'. तस्वीरों में आप देख सकते हैं यह द्वीप डरावनी गुड़ियों से भरा पड़ा है. 1990 में जोचिमिको कनाल की सफाई के वक्त यह लोगों की नजर में आया.
यह द्वीप 'ला इस्ला डे ला म्यूनेकस' नाम से मशहूर है.आज भले ही ये टूरिस्टों के आकर्षण का केंद्र है, लेकिन बिना गाइड यहां घूम पाना नामुमकिन है. सरकारी दस्तावेजों में इसे हॉन्टेड करार नहीं दिया गया है लेकिन स्थानीय बताते हैं कि पेड़ों पर लटकी दर्जनों गुड़िया आपस में बातें करती है.
उनके मुताबिक, इन गुड़ियों में प्रेतात्मा का वास है. वे इशारों में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं.कुछ लोग जो यहां पर घूमने आए थे उन्होंने बताया कि
इनकी आंखों की पुतलियां तक घूमती हैं.
गुड़िया में बसी है बच्ची की आत्मा
आपको बता दें कि ये द्वीप हमेशा से ऐसा नहीं था. करीबन डेढ़ दशक पहले ये साधारण द्वीप हुआ करता था. ऐसे में सवाल उठता है कि इस द्वीप पर इतनी मात्रा में गुड़िया कैसे पहुंची. इसे किसने लटकाया और उसके पीछे क्या कारण था. इसके पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्प है.
लोगों के मुताबिक, इन गुड़ियों में एक छोटी बच्ची की आत्मा है, जिसकी रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई थी. डॉन जूलियन सैन्टाना बरेरा 2001 तक इस द्वीप का केयर टेकर था.
वह इस जगह अकेले रहते थे. उसकी मौत के बाद से ये हॉन्टेड जगह बन गई. बताया जाता है कि जूलियन को एक बच्ची की तैरती हुई लाश मिली थी. तब उसकी सांसे चल रही थी लेकिन जूलियन उसे बचा पाने में नाकाम रहे.
कहते हैं बच्ची की मौत के बाद एक गुड़िया भी बहती हुई आई. जूलियन ने इसे बच्ची की गुड़िया समझ उसे उसी पेड़ पर लटका दिया, जहां बच्ची ने दम तोड़ा था. उसे एक के बाद एक कई गुड़िया मिलती चली गई.
वह बच्ची के आत्मा की शांति के लिए उसे पेड़ पर लटकाते गए हालांकि, लोगों का मानना है कि जूलियन को उस बच्ची को बचा नहीं पाने का पछतावा था.
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